अम्बेडकरनगर में युवक के मलाशय में फंसी प्लास्टिक की बोतल: डॉक्टरों ने 2 घंटे की जटिल सर्जरी कर बचाई जान

 



मृत्युंजय शर्मा, अम्बेडकरनगर बस्ती मंडल न्यूज़

अम्बेडकरनगर: जनपद के अकबरपुर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 32 वर्षीय युवक के मलाशय में करीब 500 ग्राम की प्लास्टिक की बोतल फंस गई। असहनीय दर्द और बिगड़ती हालत को देखते हुए युवक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे की लंबी सर्जरी के बाद युवक की जान बचाई।

अहमदाबाद में करता था मजदूरी, घर लौटने पर बढ़ा दर्द

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक गुजरात के अहमदाबाद में मजदूरी करता है। कुछ समय पहले उसने परिजनों से पेट में तेज दर्द की शिकायत की थी। वहां स्थानीय डॉक्टरों से दवा लेने के बाद भी जब उसे आराम नहीं मिला, तो परिजन उसे वापस गांव ले आए। यहाँ दर्द असहनीय होने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद एक्स-रे कराने की सलाह दी।

एक्स-रे रिपोर्ट देख डॉक्टर भी रह गए दंग

एक्स-रे रिपोर्ट सामने आते ही डॉक्टरों के होश उड़ गए। रिपोर्ट में युवक के मलाशय के अंदर एक बड़ी प्लास्टिक की बोतल फंसी होने की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ सर्जन डॉ. विपिन वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई। डॉक्टरों ने इसे एक चुनौतीपूर्ण मामला मानते हुए तत्काल आपातकालीन सर्जरी (Emergency Surgery) का निर्णय लिया।

2 घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाली गई बोतल

डॉ. विपिन वर्मा और उनकी टीम ने करीब दो घंटे तक सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया और बोतल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत यह रही कि सर्जरी के दौरान आंत या मलाशय को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुँचा। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

चिकित्सकों के अनुसार, युवक 'एनल इरोटिसिज्म' नामक एक दुर्लभ मनो-यौन विकार (Psycho-sexual disorder) से ग्रसित है। इस स्थिति में व्यक्ति असामान्य यौन उत्तेजना के चलते इस तरह के जोखिम भरे कदम उठा लेता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर मरीज शर्मिंदगी के कारण समय पर बात नहीं बताते, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि ऐसे मामलों में शारीरिक उपचार के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counseling) भी बेहद जरूरी है।

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